Showing posts with label जनसमस्या. Show all posts
Showing posts with label जनसमस्या. Show all posts

Tuesday, June 22, 2021

कोरोना टीकाकरण शिविर में उडाई गयी सरकारी आदेशो की धज्जियाँ।

कोरोना टीकाकरण शिविर में उडाई गयी सरकारी आदेशो की धज्जियाँ। 

बल्लभगढ़, नितिन बंसल । 

बल्लमगढ़ मे कोरोना वैक्सीनेशन कैंप में दिखा अवस्था का मुहूर्त जहां पर ऐसा लगता है मानो कोरोना का वैक्सीन नहीं लग रहा है मानो कोरोना को  फैलने का नोता दिया जा रहा हूं।बल्लबगढ़ की चावला कॉलोनी सिथित शिव मंदिर में लगे कोरोना टीकाकरण शिविर में उडाई गयी सरकारी आदेशो की धज्जियाँ। नेता जी ने सोचा कि इस टीकाकरण शिविर से पब्लिक की वाही वाही लूटेंगे लेकिन अव्यवस्था के कारण हो गयी उनकी किरकरी। आपको खबर विस्तार से बताये की सोमवार को शिव मंदिर में विनोद गोस्वामी द्वारा कोरोना टीकाकरण शिविर का आयोजन किया था इस टीकाकरण शिविर में ज्यादा से ज्यादा भीड़ जुटाने के लिए नेता जी ने शिवर का खूब प्रचार करवाया लेकिन वो टीकाकरण शिविर में टिका लगवाने के लिए आए लोगो के लिए इंतजामात करना भूल गए।ओर भूल गए व्यवस्था को सम्भालने के लिए वॉलंटियर रखना। जब हम इस शिविर में जानकारी लेने पहुँचे तो देखा कि वहाँ आये लोग बहुत परेशान है टिका लगवाने आयी एक बुजुर्ग महिला का कहना था कि वो सुबह 10 बजे से आई है और उन्हें 10 नम्बर का टोकन दिया गया था लेकिन 1 बजे तक भी उनका नम्बर नही आया है और नाही यहाँ किसी लाइन का पता लग रहा है यहाँ पर ना तो 18 साल से ऊपर के लोगो के लिए अलग लाइन है और ना ही 60 साल से ऊपर के बुजुर्गों के लिए अलग लाइन है ऊपर इस गर्मी ने मार रखा है जब एक ओर महिला से बात की गई तो उन्होंने बताया कि आयोजक द्वारा शिविर में किसी भी प्रकार की सुविधा उपलब्ध नही कराई गई है मैं पहला टिका लगवाने आयी हु लेकिन यहां आकर देखा तो कही भी कुछ पता ही नही चल रहा है क्योंकि टिका लगवाने के लिए आधारकार्ड कहा देना है यही पता नही लग रहा है यहां भीड़ बहुत ज्यादा है और काम करने वाले स्टाफ की बहुत कमी है और ऊपर से इस गर्मी में आयोजक द्वारा ना तो कोई पीने के पानी की व्यवस्था है और ना ही पंखा की ।इसलिए मैं बिना टिका लगवाए ही जा रही हूँ। नेता जी को शायद ये अनुभव नही था कि प्रचार प्रसार के साथ साथ व्यवस्था का भी ध्यान रखना है और साथ ही सरकार द्वारा कोविड 19 से बचने के लिए दी गयी हिदायतों का भी पालन करना है ओर कराना है।लेकिन इस शिविर में तो लग रहा था कि कोरोना को भगाने का नही कोरोना को न्योता देने के लिए शिविर का आयोजन किया गया था इस पर समाजसेवी सेवाराम वर्मा ने कहा कि अभी बीमारी खत्म नहीं हुई है और ऐसी लापरवाही ना जाने कितनों को कोरोना महामारी की चपेट में ला सकती है। 


Sunday, August 30, 2020

अपनी बदहाली पर आंसू बहा रहा है बल्लभगढ़ शहर का सबसे बड़ा कल्पना चावला सिटी पार्क

      कल्पना चावला सिटी पार्क की बदहाली का दृश्य।


बल्लभगढ़, नितिन बंसल, आरव नेगी।
 बल्लभगढ़ शहर का एकमात्र कल्पना चावला सिटी पार्क अपनी बदहाली पर आंसू बहा रहा है। सिटी पार्क कल्पना चावला संघर्ष समिति और सिटी पार्क के संचालकों को सरकार द्वारा सहायतार्थ राशि मुहैया करवाई गई थी लेकिन उस राशि के बावजूद भी सिटी पार्क की हालत बद से बदतर है। पार्क में गिर ग्रीन ग्रीन घास का अभाव है, हर जगह कूड़ा करकट गंदगी फैली हुई है। यही नहीं पारक जहां पर वीटा डेयरी अपना भूत बनाया हुआ है, उसके जस्ट पीछे लोगों द्वारा अवैध रूप से पेशाब करने का अड्डा का बनाया हुआ है। यहां पर आने वाले लोग इस दुर्दशा परेशान है।  समाजसेवी मनोज गोयल, कांग्रेसी वरिष्ठ नेता सेवाराम वर्मा, कांग्रेस पार्टी के सदस्य मनोज अग्रवाल, व्यापारी राजेंद्र जैन, सुरेश मित्तल, हुकुमचंद जैन आदि समाजसेवियों सीएम विंडो पर भी इस दुर्दशा के बारे में अपील डाली हुई है लेकिन मुख्यमंत्री की ओर से भी कोई भी जवाब नहीं आया है और ना ही पारक की दुर्दशा दूर ही है। यही नहीं पार्क में रखरखाव के लिए कोई माली भी तैनात नहीं है जो पार्क को शांति प्रदान कर सकें। हालांकि 7 महीने पूर्व फरवरी माह में मंत्री मूलचंद शर्मा द्वारा सिटी पार्क में एक डस्टबिन लगवाया गया था और उसका उद्घाटन भी किया गया था लेकिन गुडग़ांव में केवल डमी बॉक्स बनकर रह गया है भारत में किसी भी तरह की कूड़ा उठाने की व्यवस्था नहीं है। बल्लभगढ़ शहर का यह सबसे बड़ा पार्क है जो आज की डेट में बदहाली पर आंसू बहा रहा है इसमें कहीं पर भी गिरे नहीं है नहीं है। केवल कुछ ही जगहों पर घास है साथ ही साथ इसमें बना हुआ फव्वारा भी केवल शोपीस बनकर रह गया है, उसकी कोई भी मरम्मत की व्यवस्था भी सरकार द्वारा क्या प्रशासन द्वारा नहीं की गई है। समाजसेवियों वरिष्ठ कांग्रेसी नेता मनोज अग्रवाल का कहना है कि बीजेपी सरकार द्वारा अगर पार्कों की दुर्दशा को सुधारा नहीं गया कोर्ट के सामने धरना प्रदर्शन करेंगे। 

Wednesday, July 22, 2020

बल्लभगढ़ में बरसात से हुआ बुरा हाल, आवागमन में लोगों को हुई दिक्कत

बल्लभगढ़ में हुई बरसात के बाद सड़कों पर जमा पानी


बल्लभगढ़, नितिन बंसल।
पिछले दो दिनों से बल्लभगढ़ शहर में हो रही बरसात ने नगर निगम प्रशासन के विकास के सभी दावों की पूरी तरह से पोल खोलकर रखी दी। बुधवार सुबह से जारी बरसात के चलते नेशनल हाईवे सहित पॉश सेक्टरों व कालोनियों में कई-कई फुट जलभराव हो गया। बरसात से जहां लोगों को गर्मी से राहत मिली वहीं जलभराव व कीचड़ ने उनकी समस्याओं को भी बढ़ा दिया। बल्लभगढ़ के अंबेडकर चौक सहित कई जगहों पर हालात बद से बदत्तर देखे गए और मार्किटों के साथ-साथ लोगों के घरों तक पानी पहुंच गया। हालांकि मौसम विभाग की माने तो आने वाले दिनों में बरसात का सिलसिला यहां जारी रहेगा। गौरतलब है कि फरीदाबाद देश की चुनिंदा स्मार्ट सिटी शहरों में शुमार है, यहां केंद्र सरकार द्वारा शहर को सुंदर बनाने के लिए मोटी रकम नगर निगम प्रशासन को दी गई है, लेकिन अभी तक यहां विकास की कोई तस्वीर देखने को नहीं मिली है। समाजसेवी  महेश मित्तल ने कई बार जिला प्रशासन विधायक मूलचंद शर्मा को इस समस्या के बारे में अवगत करा चुके हैं लेकिन 5 से 7 साल हो चुके हैं इस समस्या का कभी भी समाधान नहीं हुआ है बारिश आते ही हल्की सी बारिश में ही यहां पर पानी जलमग्न हो जाता है। मंत्रियों विधायकों पार्षदों प्रशासन उन सभी से इस समस्या के बारे में अवगत करवाया जा सकता है लेकिन यह समस्या दूर नहीं है सभी लोग अपना पल्ला झाड़ देते हैं। हर वर्ष मानसून से पूर्व नगर निगम प्रशासन विकास के बड़े-बड़े दावे करता है और हर बार मानसून में उसके दावे पूरी तरह से झूठे साबित होते है। फरीदाबाद में पहली बारिश के बाद पूरा शहर पानी-पानी हो गया।शहर में जलभराव ने प्रशासन के मानसून से निपटने के सभी दांवों की पोल खोल दी। इतना ही नहीं मानसून की पहली बारिश के बाद नेशनल हाई वे भी जलमग्न हो गया। वाहनों की रतार धीमी हो गई। सड़कों पर पानी भरने के कारण गांडिय़ां भी रेंग रेंग कर चल रही है। बता दें कि मानसून से पहले शहर में जलभराव की समस्या से निपटने के लिए कई बैठकें होती है, लेकिन इन बैठकों का कोई भी फायदा होता नजर नहीं आ रहा है। 

आईएमटी के समीप 8 माह से टूटी है पाइप लाईन, प्रशासन मौन- जे. सी. शर्मा

पाइप लाईट टूटी होने के कारा खेतों में भरा पानी। 

बल्लबगढ़,नितिन बंसल, आरव नेगी। फरीदाबाद जिला प्रशासन समस्याओं का केंद्र बना हुआ है, जहां देखो जिला प्रशासन द्वारा कोई भी कार्रवाई नहीं की जा रही, केवल वाहवाही लूटी जा रही है। सेक्टर-2 के निकट बाईपास रोड से आगे आईएमटी के पास बीते 8 महीने से पानी की सप्लाई की पाइप लाइन टूटी पड़ी हुई है, जिसमें से पीने का पानी हजारों लीटर बर्बाद हो रहा है जिसकी शिकायत शहर  रेफरेंस ऑफ एनिमल संस्था के प्रधान जे सी शर्मा ने बल्लबगढ़ के विधायक एवं मंत्री मूलचंद शर्मा को व स्थानीय प्रशासन को दी लेकिन उनकी ओर से केवल आश्वासन ही दिया गया इस समस्या को दूर कर दिया जाएगा लेकिन आज तक समस्या को दूर करना तो दूर कोई भी कार्रवाई नहीं। एक तरफ मंत्री महोदय बभगढ़ में पानी की संर्पूा आपूर्ति की बात करते है, जबकि दूसरी तरफ पुरानी पाइप लाईनों की मरमत तक नहीं की जा रही है, जिससे प्रतिदिन हजारों लीटर पानी बर्बाद हो रहा है। जे.सी. शर्मा ने बताया कि अगर यह पानी पूरी तरह से शहर पर सप्लाई किया जाए तो शहर की आधी पानी की समस्या दूर हो सकती है लेकिन मंत्री विधायक नेताओं द्वारा इस समस्या को दूर करने का कोई भी कार्रवाई नहीं की गई। उन्होंने बताया कि यह पानी वहां उपलब्ध खेतों की उपजाऊ शक्ति को भी नष्ट कर देगा, लेकिन शिकायत के बावजूद प्रशासन के कानों पर जूं तक नहीं रेगती। उहोंने कहा कि एक तरफ मनोहर सरकार लोगों को बेहतर सुविााएं देने की बात करती नही थकती, जबकि दूसरी तरफ लोगों को बुनियादी सुविााओं के लिए ााहि-ााहि होना पड़ रहा है। 



Friday, July 10, 2020

"जनता परेशान अधिकारी मस्त" बल्लभगढ़ की सफाई व्यवस्था बदहाल, फैल सकती है महामारी बीमारियां

      बल्लभगढ़ शहर में जगह-जगह लगे गंदगी के ढेर व शहर सिटी पार्क के बाहर गंदगी का नज़ारा।
   बल्लभगढ़ के दशहरा ग्राउंड में गंदगी का नजारा जहां       कुढ़ा घर बनाया हुआ है
 
बल्लभगढ़ की राधा नगर कॉलोनी में सफाई कर्मियों द्वारा लगाए गए गंदगी के ढेर


बल्लभगढ़, नितिन बंसल, फूलसिंह चौहान।
बल्लभगढ़ व फरीदाबाद शहर में जहां एक और कोरोना वायरस अपने पैर पसारे पैदा हुआ है और थमने का नाम नहीं ले रहा है वहीं दूसरी ओर फरीदाबाद से बभगढ़़ तक की सफाई व्यवस्था पूरी तरह से बिगड़ चुकी है। नगर निगम कर्मचारी सफाई की ओर कोई भी विशेष यान नहीं दे रहे, जिसके चलते कोरोना महामारी में गंदगी का साम्राय बना हुआ है। कहने को बल्लबगढ़ शहर के दशहरा ग्राउंड को डंपिंग जोन बनाया हुआ है जहां पर आसपास काफी एरिया व कालोनियां है, जहां हजारों की तादाद में लोग रहते है, ऐसे में दशहरा ग्राउंड उनके ारों के समीप ही पड़ता है और वही नगर निगम द्वारा सभी मोहों का कूड़ा डाल दिया जाता है, जिससे अक्सर यहां बदबू रहती है और मक्खियां व मच्छर पनपने लगे है। यहां के कॉलोनी वासी प्रदीप बंसल मनोज गोयल विवेक बंसल मनोज जिंदल आदि आसपास के रहने वाले सभी शहर वालों ने नगर निगम प्रशासन सफाई के बारे में बृजमोहन सैनी और ज्वाइंट कमिश्नर को भी लिखित में शिकायत दी है लेकिन उनकी ओर से कोई भी कार्रवाई नहीं हुई है। लोगों का कहना है कि अगर सफाई कर्मचारी ऐसी सफाई व्यवस्था बनाए रखेंगे तो आने वाले मानसून के मौसम में यहां बीमारियां फैलना लाजमी है। साथ ही साथ बभगढ़ शहर के इकलौते सिटी पार्क के बाहर सफाई कर्मचारियों द्वारा सारा कूड़ा वहीं पर खड़ा कर दिया जाता है जो पूरा पार्क के निकट नाले में जाकर नाले को जाम कर देता है जो काफी बदबू का कारा बनता है और आसपास की आवरा किस्म के लोग यहां आते है, जो अक्सर यहां का माहौल बिगाडऩे का काम करते है। पार्क में आने वाले लोगों को यहां बदबू का सामना करना पड़ता है, जिसकी कई बार शिकायत लोगों ने जिला प्रशासन से लेकर एसडीएम तक की है परंतु अभी तक कोई कार्यवाही न होने से लोगों में रोष व्याप्त है। लोगों का कहना है कि जिला प्रशासन एसडीएम और सरकार सफाई व्यवस्था पर कोई ध्यान नहीं दे रही और वह चाहती है कोरोना महामारी बीमारी फैले हैं और अन्य बीमारी भी फैल जाएगी। 



Sunday, June 28, 2020

5 दर्जन मकानों में निकले लाखों अजीत तरह के कीड़े, लोग हुए परेशान

घरों मेें आए कीड़ृों का दृश्य। 

फरीदाबाद, पंकज चौधरी, आरव नेगी।
सेक्टर-8 में रहने वाले करीब 5 दर्जन मकानों में रहने वाले लोग अजीब प्रकार के कीड़ों के निकलने से खासे परेशान है। हजारों-लाखों की तादाद में इन कीड़ों को भगाने के लिए सेक्टरवासी हर प्रकार के नुस्खे आजमा चुके है परंतु इन कीड़ों की तादाद कम होने का नाम नहीं ले रही है, लिहाजा सेक्टरवासियों का जन-जीवन पूरी तरह से अस्त-व्यस्त हो गया है। उनका कहना है कि अगर समय रहते प्रशासन ने कोई कारगर कदम नहीं उठाए तो यहां इन कीड़ों से बीमारियां भी फैल सकती है। जानकारी के अनुसार सेक्टर-8 में रहने वाले रामशरण जुनेजा ने बताया कि सेक्टर-8 ग्रीन बेल्ट पर बने मकान नंबर 1227 से 1290 तक के घरों में अजीबों गरीब कीड़े निकल रहे है, यह कीड़े न तो टिड्डी है और न ही दीमक है, बल्कि अलग ही तरह के कीड़े है। उन्होंने बताया कि इन कीड़ों को हटाने के लिए उन्होंने कई तरह से कैमिकल स्प्रे, चूना आदि का छिड़काव किया है, परंतु इनकी तादाद कम होने का नाम नहीं ले रही है।  वहीं बताया जाता है कि यह कीड़े गिजाई है, जो कि जिले के समीपवर्ती गांव ददसियों मेें भी कई घरों में दिखाई दिए थे, लेकिन नगर निगम ने वहां दवाई का छिड़कांव किया, तब तक यह खत्म हुए।  उन्होंने नगर निगम प्रशासन से मांग की है कि वह इस मामले में जल्द कार्यवाही करते हुए इन कीड़ों को भगाने के लिए कोई कारगर कदम उठाए।

Friday, June 5, 2020

अभिभावकों पर अतिरिक्त बोझ न डालें निजी स्कूल : सुमित गौड़


लॉकडाउन की मार झेल रहे अभिभावकों को राहत दे सरकार 
निजी स्कूलों की लूट में शामिल है भाजपा सरकार : सुमित गौड

फरीदाबाद, फूलसिंह चौहान, नितिन बंसल। निजी स्कूल संचालक अभिभावकों पर लॉकडाउन पीरियड की फीस मांगने का दबाव बनाने लग गए है, जिसको लेकर कांग्रेसी नेताओं ने इन स्कूलों के खिलाफ अभियान चलाने की रणनीति बनानी शुरू कर दी है। इसी कड़ी में गुरूवार को सेक्टर-10 स्थित कांग्रेस भवन में हरियाणा प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सचिव एवं प्रदेश प्रवक्ता सुमित गौड़ की अध्यक्षता में एक बैठक आयोजित की गई, जिसमें महिला कांग्र्रेस की नवनिर्वाचित जिलाध्यक्ष प्रियंका भारद्वाज कक्कड़ व युवा समाजसेवी अमित कक्कड़ ने एकजुट होकर रणनीति बनाई और तय किया कि निजी स्कूलों की तानाशाही के खिलाफ कांग्रेस स्कूलों में जाकर स्कूल प्रबंधकों से दो महीने के लॉक डाउन पीरीयड की फीस अभिभावकों से न वसूलने की मांग करेगी। यहां जारी प्रेस बयान में हरियाणा प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सचिव एवं प्रदेश प्रवक्ता सुमित गौड़, नवनिर्वाचित महिला जिलाध्यक्ष प्रियंका भारद्वाज कक्कड़ व युवा समाजसेवी अमित कक्कड़ आदि कांग्रेसी नेताओं ने कहा कि केन्द्र सरकार द्वारा 20 लाख करोड़ का पैकेज जारी करने के बावजूद भी प्रदेश की भाजपा सरकार अभिभावकों को राहत देने में नाकाम रही है। लॉकडाउन पीरियड में बेरोजगारी की मार झेल रहे अभिभावकों पर बार-बार नए कानून लागू कर निजी स्कूलों की लूट को बढ़ावा देने का काम किया जा रहा है, जो कि पूरी तरह से गलत है। उन्होंने कहा कि ढाई महीने से लोग अपने घरों में कैद हैं, खाने के लाले पड़े हुए हैं, मगर प्रदेश की मनोहर सरकार अभिभावकों की फीस माफ करने में एक निर्णय नहीं ले पा रही है। असल में सरकार दोनों हाथों में लड्डू लेकर चलना चाह रही है, जोकि संभव नहीं। उन्होंने कहा कि स्कूल संचालकों से भी मानवता के नाते आग्रह किया कि इस कोरोना महामारी में जहां लोगों के पास काम-धंधे न रहे हैं, अभिभावकों का ध्यान रखें और उनका सहयोग करें। वह मानते है कि स्कूलों के भी अपने खर्चे होते हैं, लेकिन इस लॉकडाउन पीरियड में स्कूलों के ट्रंासपोर्ट, स्टाफ, बिजली बिल एवं अन्य कई खर्चे कम हुए हैं इसलिए वह अभिभावकों के साथ समन्वय बनाएं। कांग्रेसी नेताओं ने कहा कि जब पिछले ढाई महीने से स्कूल ही बंद है, तो फीस देने का कोई मतलब ही नहीं बनता। सरकार ने ऑनलाइन का सुझाव देकर स्कूलों को लूट का तरीका बताया है। मगर, उन गरीब अभिभावकों के बारे में भी सोचे, जो अपने घरों में फसे हुए हैं। उन्होंने अभिभावकों से अपील की, कि कोई भी स्कूल उनके साथ अन्याय करता है, तो वह उनसे संपर्क करें ताकि ऐसे स्कूलों के खिलाफ मोर्चा खोला जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश की भाजपा सरकार के साथ मिलकर निजी स्कूलों को खुली लूट नहीं करने दी जाएगी। अभी देखने में आ रही है कि कुछ प्राईवेट स्कूल सरकारी आदेशों की धज्जियां भी खुलकर उड़ा रहे हैं, लेकिन प्रशासन मूकदर्शक बना हुआ है। फीस बढ़ाकर ली जा रही है और प्राईवेट पब्लिशर्स की किताबें जबरन छात्रों पर थोपी जा रही है। जबकि सरकार द्वारा सभी स्कूलों में एनसीईआरटी की किताबें अनिवार्य की हुई हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी स्कूलों के इस तानाशाही फैसले का विरोध करती है और अभिभावकों के हितों के लिए हर स्तर पर संघर्ष करेगी।

Friday, March 13, 2020

हरियाणा रोडवेज बसों में शोपीस बने हैं फस्र्ट एड बॉक्स

हरियाणा रोडवेज बसों में शोपीस बने हैं फस्र्ट एड बॉक्स


 बल्लभगढ़, नितिन बंसल,फूल सिंह चौहान। जहां एक और शहर में और देश में कोरोनावायरस का कहर छाया हुआ है वहीं दूसरी और हरियाणा रोडवेज की बसों में लगे हुए फास्ट ऐड़ बॉक्स शोपीस साबित हो रहे हैं जिनमें ना तो यात्रियों के लिए सैनिटाइजर है और ना ही कोई दवाई, यह लचल कार्यपद्धति  हरियाणा रोडवेज अधिकारियों की लापरवाही को दर्शाता है जिला परिवहन विभाग की बसों में लगे फस्ट ऐड बाक्स शो-पीस बन चुके हैं। ऐसे में यदि कोई हादसा हुआ या फिर किसी यात्री को किसी कारणवश चोट लगी तो उसे तुरंत प्राथमिक उपचार भी नहीं मिल सकेगा। करने के बावजूद फस्ट ऐड बाक्स (प्राथमिक उपचार का डिब्बा) को दवाएं नसीब नहीं हो रही हैं। दरअसल, हर साल सरकार द्वारा दवाओं के लिए लाखों रुपए खर्च  स्थिति यह है कि


विभाग के कर्मचारियों द्वारा इन बाक्सों का इस्तेमाल निजी सामान रखने के लिए किया जा रहा है। जबकि नियमानुसार यदि बस में सफर के दौरान  किसी व्यक्ति को चोट लग जाए या अन्य कोई  छोटी-मोटी परेशानी हो जाए तो इस बाक्स में रखी दवाओं का प्रयोग किया जाता है लेकिन इसके बावजूद जिले के अधिकारी मामले को लेकर गंभीर नहीं है। गौरतलब है कि रोडवेज विभाग द्वारा लगभग सभी बसों में फस्ट ऐड बाक्स का प्रबंध किया जाता है जिससे मुसीबत के वक्त यात्री को प्राथमिक उपचार की सुविधा मुहैया कराई जा सके। लेकिन विभागीय खामियों के चलते बसों में फस्ट ऐड बाक्स केवल बसों की शोभा बढ़ाने के लिए काम आ रहे हैं ना कि दवाएं को रखने के लिए। जबकि में रोडवेज दवाओं को खरीदने के लिए लगभग हर वर्ष लाखों रुपए खर्च किए जाते हैं जिससे यात्रियों को विभाग बेहतर सुविधाएं दे सके। परन्तु इसके बाद भी अधिकारियों द्वारा बसों में दवाएं की स्थिति को गंभीरता से नहीं लिया जाता है। इस संदर्भ में महत्वपूर्ण बात यह है कि स्वंय विभागीय अधिकारियों का मानना है कि विभाग के पास बजट को लेकर कोई समस्या है तथा आवश्यकतानुसार दवाओं को खरीद लिया जाता है। ऐसे में देखने योग्य बात यह है कि विभाग द्वारा दवाओं की खरीद के बाद फस्ट ऐड बाक्स में दवाएं क्यों नहीं रखी  जाती हैं। इस समस्या की जानकारी परिवहन मंत्री व विधायक मूलचंद शर्मा जी को दी जा चुकी लेकिन अभी तक कोई भी कार्यवाही नहीं हुई है लगता है मंत्री जी भी किसी बड़ी घटना का इंतजार करें







Monday, March 9, 2020

त्यौहारों पर बदहाल यातायात व्यवस्था, लोग हुए परेशान

बल्लभगढ़ में जाम से जूझते वाहन चालक 
बल्लभगढ़, नितिन बंसल,फूल सिंह चौहान 
त्योहारों के माहौल में जहां एक और भाईचारे का माहौल होता है वहीं दूसरी ओर पुलिस द्वारा कोई भी सुरक्षा की व्यवस्था वही ढाक के तीन पात वाली रही। होलिका दहन पर जहां पर हजारों की तादाद में श्रद्धालु करने के लिए आते हैं और महिलाएं व बच्चे शामिल होते हैं और वह भीड़ और अव्यवस्था का शिकार बनते हैं और ना ही कोई पुलिस की ओर से कोई सुरक्षा व्यवस्था नहीं होती है चाहे किसी का बच्चा गुम हो जाए चाहे किसी की चेन। बल्लभगढ़ शहर में ट्रैफिक व्यवस्था का बुरा हाल है अन्य दिनों के अन्य में बुरा हाल रहता ही है लेकिन यह व्यवस्था त्यौहारों पर ट्रैफिक व्यवस्था बद से बदतर होती जा रही है। आला अधिकारी वह ट्रैफिक पुलिस कितना ही जाम हो जाए कोई फर्क नहीं पड़ता है पुलिस और ट्रैफिक पुलिस केवल उगाई में और चालान काटने में ही व्यस्त रहती है, उनके सामने ट्रैफिक व्यवस्था जितनी भी बनी रहे वह ध्यान नहीं देते हैं एक साइड में खड़े होकर दोपहिया वाहन चालकों के जबरदस्ती चालान काटने में मशगूल रहते है। आज जब होली का त्यौहार है इस त्यौहार के मद्देनजर होलिका दहन जगह पर आने वालों की पूजा करने वालों की भीड़ होती है लेकिन पुलिस द्वारा कोई भी व्यवस्था नहीं की गई है और वहां पर ट्रैफिक व्यवस्था का बुरा हाल देखा गया लोगों को घंटे घंटे जाम में फंसे रहे इसके साथ ही जाम में एंबुलेंस भी फंसी नजर आई। त्यौहार पर सुरक्षा व्यवस्था राम भरोसे ही है, एक तरफ पुलिस के आला अधिकारी सुरक्षा के बडे बडे दावे करते है परंतु यहां बल्लभगढ़ में उन दावों की हवा निकल रही है। आज शहर में परिवहन मंत्री ने होलिका दहन चौक  से महज 200 मीटर व 400 मीटर के  अन्तराल में दो उद्घाटन किए हैं लेकिन तब भी इस चौक  पर ट्रैफिक व कानून व्यवस्था को दुरूस्त रखने के लिए पुलिस या ट्रैफिक पुलिस का कोई अधिकारी तो दूर की बात कोई कांस्टेबल भी मौजूद नहीं था। संवाददाता से जब यहां पर जब लोगों की परेशानी देखी नही गई तो उन्होने ट्रैफिक एसीपी अभिमन्यु लोहान से बात की और उन्हें इस चौक स्थिति से अवगत तो उन्होंने हमें यह व्यवस्था दुरूस्त करने का आश्वासन दिया। स्थानीय लोग होली के त्यौहार पर पुलिस प्रसाशन की इस उदासीनता पर हैरान व परेशान दिखाई दिए 


Monday, February 3, 2020

सीवरेज के गंदे पानी से परेशान है सेक्टर-55 हाऊसिंग बोर्ड कालोनी के लोग


सेक्टर-55 में भरे सीवरेज के गंदे पानी को दिखाते स्थानीय निवासी
फरीदाबाद, नितिन बंसल और फूलसिंह चौहानl सेक्टर-55 हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी की 2800 वाली लाइन में इन दिनों लोग सीवरेज के गंदे पानी के भराव के चलते खासे परेशान है, यहां हर रोज आए दिन लाइन जाम हो जाती है, जिसके चलते पानी लाइन से बाहर निकलकर घरों के सामने बदबू सहित पानी भरा हुआ है जिसमें बहुत सी बीमारियां फैलने का भय हो गया है। लोगों का कहना है कि ये गटर का पानी है इसमें से बहुत बदबू आती है पानी में कीड़े भी बहुत हैं। एमसीएफ में कई बार शिकायत करने पर भी कोई भी कर्मचारी इस पर ध्यान नहीं दे रहा है। ये लोग भी किसी बड़े हादसे के बाद ही शायद काम पर ध्यान देने के लिए इंतजार कर रहे हैं। यहां सभी कॉलोनी वासी बहुत दुखी है सुमन देवी, हिमानी, सुनीता, सीमा, हेमलता, उजाला देवी, राजू भाई, पंडित रामचंद्र, मनोज, सुनील कुमार व विक्रम का कहना है कि गंदे पानी की भराव के चलते लोगों को परेशानी होती है और शिकायतें करने के बावजूद अभी तक समस्या का हल नहीं निकला है, जिससे यहां बीमारियां फैलने का डर बना हुआ है। 
। 


Tuesday, December 24, 2019

बेसहारा गौवंश नंदी पर धारदार हथियार द्वारा अज्ञात असमाजिक तत्वों ने हमला कर बुरी तरह किया घायल।

बल्लभगढ़, आज सेक्टर-2,सामुदायिक भवन के प्रांगण में घूम रहे बेसहारा गौवंश नंदी पर धारदार हथियार द्वारा अज्ञात असमाजिक तत्वों ने हमला कर बुरी तरह से घायल कर दिया। नंदी की पीठ, पेट और पैरों को हथियार से बुरी तरह से घायल कर दिया। घटना की सूचना मिलते ही गौ मानव सेवा ट्रस्ट के अध्यक्ष श्री रूपेश यादव ने तुरंत गौशाला में नियमित चिकित्सक डॉ सत्यभान और गौसेवा सहयोगी विनोद दत्त आर्य को भेजा। स्थानीय लोगों की मदद से घायल गौवंश को प्राथमिक उपचार किया गया। अन्य जीव सेवा संस्था के रवि दुबे को गौवंश को निरन्तर और बेहतर चिकित्सा सेवा हेतु एम्बुलेंस के माध्यम से पशु चिकित्सालय पहुंचाने का अनुरोध किया गया।
घायल गौवंश नंदी

घायल गौवंश नंदी पैर निकलता खून


घटना पर बताते हुए रूपेश यादव एवं उनके साथी बिट्टू राव ने बताया कि पिछले कुछ दिनों में संज्ञान में आया है कि कुछ असामाजिक तत्व संभवतः गौतस्करों के सहयोगी शहर में घूमने वाले बेसहारा गौवंशों के शरीर पर व खासकर पैरों पर गहरे घाव कर रहे हैं ताकि घायल गौवंश भाग नही सके और एक सीमित एरिया में रहे ताकि मौका पाकर गौतस्करों को ऐसे घायल गौवंश को कसाईखानों में ले जाने के लिए इन्हें उठाते समय ज्यादा मशक्कत नही करनी पड़े। रूपेश यादव ने सरकार और पुलिस प्रशासन से मांग है कि इस प्रकार की घटनाओं  की पुनरावृत्ति नही हो ऐसे प्रबंध करें व समाज, गौरक्षक संस्थाओं से ऐसी घटनाओं के प्रति और सचेत रहने के लिए भी आग्रह किया। घटना को लेकर लोगों में रोष व्याप्त है।
: फूलसिंह चौहान व नितिन बंसल की रिपोर्ट
घायल गौवंश नंदी का इलाज करते हुए पशु चिकित्सक सत्यवान






Friday, December 20, 2019

नियमों को ताक पर रख शहर में धड़ल्ले से दौड़ रहे हैं ट्रेक्टर ट्राली, सीवर टैंकर, व तिपहिया वाहन

बल्लभगढ़, कृषि कार्यों के लिए उपयोग में लाए जाने वाले ट्रेक्टर-ट्रालियों का इनके रजिस्ट्रेशन नंबर गायब कर जमकर व्यवसायिक उपयोग किया जा रहा है। यह ट्रैक्टर ट्रालियां धड़ल्ले से राष्ट्रीय राजमार्ग के साथ-साथ कालोनियों, सेक्टरों व मेन बाजार में देखे जा सकती है, जो या तो माल ढुलाई का काम करते है या फिर बिल्डिंग सप्लायर का। तमाम नियमों व कायदे कानून को ताक पर रखकर ट्रैक्टर चालक अपनी मनमानी करते है, जिसके चलते सडक़ हादसे भी बढ़ रहे है। अब जब कडकडाती सर्दी का मौसम है और धुंध होने के चलते विजीबिलटी बहुत कम होती है, इसके बावजूद ये टे्रक्टर चालक न तो अपने ट्रैक्टर ट्राली में रिएफ्लैक्टर लगवावना तो दूर की बात अधिकतरों पर नंबर प्लेट तक नहीं होती और न ही वह नंबर लगवाने की जेहमत उठाते है,  और न ही अन्य नियमों की पालना करते, जिसके चलते शहर में सडक़ हादसों का ग्राफ निरंतर बढ़ रहा है। जानकारी के अनुसार ट्रैक्टर मालिकों द्वारा सडक़ों पर गाटर, सरियों, रोड़ी, क्रेशर व रेती, बिल्डिंग मटेरियल आदि सामानों को ढोने के कार्य व सीवर के टेंकरों को भी खीचने का काम भी  ट्रैक्टरों का किया जा रहा है।
 इसके आलावा इन्हे चलाने वाले अधिकतर ड्राईवरों के पास किसी प्रकार का कोई लाइसेंस नहीं होता और सड़क दुर्घटना को अंजाम देने के बाद यह मौके से बड़े आराम से फरार हो जाते है। अधिकांश ट्रैक्टरों जब राष्ट्रीय राजमार्ग पर चैकिंग चलती है और वह सीकरी बाइपास रोड से तिगांव-मोहना मार्ग से होकर गुजर जाते है, जिसके चलते इन पर कार्यवाही करना भी पुलिस के लिए टेढ़ी खीर बना हुआ है। वहीं ये ट्रैक्टर चालक सडक पर चलते हुए अचानक बिना इंडीकेटर दिए ट्रेक्टर रोक देते है,  जिससे सड़क दुर्घटना घटित हो जाती है। इतना ही नहीं पुलिस के कर्मचारियों द्वारा भी इन ट्रैक्टर चालकों के खिलाफ कोई कार्यवाही नहीं की जाती,











 जिससे इनके हौंसले बुलंद है। यही नहीं की ट्रैक्टरों के साथ-साथ शहर में चलने वाले ऑटो भी बगैर नंबर प्लेट के चलते हुए देखने जा सकते है। इन पर भी किसी तरह का कोई रिफ्लैक्टर नहीं नजर आया। हालांकि कैबिनेट मंत्री मूलचंद शर्मा व त्रिलोक चंद एसडीएम बल्लभगढ़ कुछ दिन पूर्व वाहनों पर रिफ्लेक्टर लगाते हुए नजर आए लेकिन यह केवल पब्लिसिटी के लिए ही मात्र नजर आया। रोड पर चलते हुए किसी भी वाहन पर कोई रिफ्लैक्टर नजर नहीं आए सुबह-सुबह धुंध इतनी तगड़ी होती है किसी वाहन का नजराना भी मुश्किल है।
फूलसिंह चौहान की रिपोर्ट

Monday, December 16, 2019

मेडिकल वेस्ट ने ली एक गाय की जान व दूसरी का जीवन भी खतरें में,,,,,

गाय हमारी माता है गाय के लिए हम हिंदू अपनी जान भी दे सकते हैं ऐसी बातें आपने अक्सर सुनी होंगी लेकिन असल जिंदगी में ऐसा नहीं है आपने अक्सर बेसहारा गायों को भोजन की तलाश में दर-दर भटकते देखा होगा लोग गायों के प्रति कितने संवेदन शून्य है ऐसा एक वाक्य सेक्टर 17 की मार्केट में नजर आया ओल्ड फरीदाबाद अहीरवाड़ा ओल्ड फरीदाबाद निवासी गौपालक बिट्टू यादव ने बताया कि कल सुबह







उनके पास एक फोन आया कि सेक्टर 17 की मार्केट में आसपास कई हॉस्पिटल है इनमें से कुछ अपना मेडिकल वेस्टेज मार्केट के एक कोने में डाल देते हैं जिसमें इंजेक्शन व कई जहरीले पदार्थ भी होते हैं ऐसा ही कोई जहरीला पदार्थ खा दो गाय बीमार हो गई खबर पाकर वह व उनकी टीम मौके पर पहुंची आनन-फानन में तड़पती गाय को एक गाय को एंबुलेंस जो लोगों द्वारा बुला ली गई थी मैं चढ़ाया लेकिन तब तक उस गाय की मृत्यु हो गई। उसे उतार दूसरी गाय को एंबुलेंस के जरिए गोपाल गौशाला पहुंचाया गया जहां उसका इलाज चल रहा है। फिलहाल उसकी स्थिति गंभीर बनी हुई है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि जहां पर ये गाएं बुरी तरह से तड़प रही थी सामने एक कुत्तों का हॉस्पिटल भी है लेकिन वहां के पशु चिकित्सक ने गायों को मदद देने की जहमत नहीं उठाई स्थानीय लोग दुष्यंत नागर उनके साथी एडवोकेट गोयल इस कार्य में मदद के लिए सामने आए जिनकी मदद से एक गाय को जो मर चुकी उसे वहीं पास में ही जेसीबी बुलाकर दफना दिया गया। इस घटना को लेकर लोगों में रोष व्याप्त है। गौपालक बिट्टू यादव ने मांग की है कि प्रशासन इन स्थानीय हॉस्पिटलों को नजर रखें ताकि ये अपना मेडिकल वेस्ट यूं ही इधर उधर नहीं फेंके व दोषी पाए जाने पर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई करे जिससे इस तरह की घटनाओं की पुनरावृति ना हो।
फरीदाबाद से फूल सिंह चौहान की रिपोर्ट

Saturday, December 14, 2019

सरकारी वाटर एटीएम द्वारा 1₹ के छोटे सिक्के का विरोध







 बल्लभगढ़ शहर में इन दिनों 1 एक रुपये के छोटे सिक्कों के लेनदेन में लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है आरोप है कि कुछ व्यापारी छोटे बड़े दुकानदार व यहां तक की भिखारी भी 1 रुपए के छोटे सिक्के को लेने से मना कर रहे हैं हालांकि समय समय पर भारतीय रिजर्व बैंक की ओर से जारी गाइडलाइंस में ये बात स्पष्ट किया गया है कि जो कोई भी एक रुपए के सिक्के को छोटे को लेने से इनकार करेगा तो ये कानून के ख़िलाफ़ है ऐसे लोगों को भारी जुर्माना व जेल भेजने का भी प्रावधान है। लेकिन यहां आरबीआई की गाइडलाइन को यहां कुछ को लोग समझने के लिए तैयार नहीं है। हद तो तब हो गई जब शहर के अंबेडकर चौक पर नगर निगम द्वारा स्थापित अक्षय जल वाटर एटीएम में भी 1रुपए छोटे सिक्के लेने बंद हो गए संबंधित अधिकारी तो उन्होंने साफ कहा एटीएम में कोई खराबी नहीं बल्कि हमने जानबूझकर फरीदाबाद में हमारे सभी वाटर एटीएम में एक ₹1 के छोटे सिक्के को रोका गया है क्योंकि बैंक भी हमसे यह सिक्के नहीं ले रहा यह पूछे जाने पर कि आपने बैंक के खिलाफ कोई शिकायत की है पुलिस ने तो तरह-तरह के बहाने बनाने लगे। स्थानीय लोगों द्वारा इस संबंध में पुलिस को भी शिकायत की है कि गई लेकिन 24 घंटे बीत जाने के बाद भी अभी तक कोई भी कार्यवाही नहीं हुई है और न ही किसी के खिलाफ कोई केस ही दर्ज किया गया है व न ही वाटर एटीएम द्वारा 1 रुपए के छोटे सिक्के को फिर से लेना चालू किया गया है। सरकार द्वारा स्थापित पानी की मशीनों में इन सिक्कों को न लेने के चलते शहर में तरह-तरह की चर्चाएं जोर पकडऩे लगी है। व इससे लोगों में रोष व्याप्त है।  फरीदाबाद से फूलसिंह चौहान की रिपोर्ट

Featured post

न्यूज पोर्टल प्रेस क्लब की महत्वपूर्ण बैठक संपन्न, अनुशासन समिति का गठन

फरीदाबाद, 29 मई 2026 सेक्टर-12 फरीदाबाद में न्यूज पोर्टल प्रेस क्लब की एक महत्वपूर्ण बैठक क्लब के प्रधान विनोद वैष्णव की अध्यक्...

Popular Posts