Saturday, April 25, 2020

लॉकडाउन में अनलाइन होकर अपना कर्म और धर्म निभा रहे शिक्षक

                                          
बल्लभगढ़, सुरभि बंसल व रेखा चौहान की रिपोर्ट ,

लॉकडाउन के इस समय में जब स्कूल-कॉलेज बंद हैं तो शिक्षक घरों पर आराम नहीं कर रहे हैं। बल्कि वे 
लॉकडाउन में अध्यापक व बच्चे।
वर्किंग, प्लानिंग, क्रिएटिंग और केयरिंग की जिम्मेदारी निभा रहे हैं। इन शिक्षकों के सम्मान में  कुंवर संदीप रावत (समाजसेवी) ने कहा कि किस तरह शिक्षक पर घर की जिम्मेदारी और घर से ही बच्चों को पढ़ाने की जिम्मेदारी को एक साथ निभा रहे हैं।पुलिस,प्रशासन, हेल्थ वर्कर्स आदि बाहर रहकर कोरोना से लड़ रहे हैं। वहीं शिक्षक भी अपनी महत्सपूर्ण जिम्मेदारी निभा रहे हैं। यदि लॉकडाउन की इस अवधि में बच्चों को किसी तरह की लर्निंग एक्टिविटी में इंगेज नहीं किया तो मानसिकतौर पर परेशानी आने लगेगी। यह चीज उनके लिए आगे चलकर बहुत घातक साबित होगी। इसलिए शिक्षकों का योगदान भी बहुत महत्वपूर्ण है।शिक्षक प्रत्येक व्यक्ति के जीवन में ज्ञान और शिक्षा की नींव रखते हैं। वे न केवल हमें शिक्षित करते हैं बल्कि हमें जीवन का सबक भी सिखाते हैं।सभी शिक्षकों जो घर के अंदर से कोरोना के खिलाफ लड़ रहे हैं दिल से आप सभी को कोटि-कोटि धन्यवाद। शिक्षक इस समाज की अमूल्य धरोहर हैं और मैं चाहता हूं कि हर एक आदरणीय शिक्षक और उसका परिवार स्वास्थ्य एवं सुरक्षित रहे मैं आपके सकुशल होने की भगवान से मंगल कामना करता हूं

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